ashwin. s. chokshi
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Dec 4, 2015
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Sep 14, 2015
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દિવાળીની શુભેચ્છા.

લાગણીથી ખળખળો તોછે દિવાળી,પ્રેમના રસ્તે વળો તોછે દિવાળી.એકલા છે જે સફરમાંજિંદગીની,એમને જઈને મળો તોછે દિવાળી.છે ઉદાસી કોઈ આંખોમાંજરા પણ,લઇ ખુશી એમાં ભળો તોછે દિવાળી.ઘાવ જે લઈને ફરે છે કૈકજૂના,પીડ એની જો કળો તોછે દિવાળી.જાતથી યે જેમણે ચાહયાવધારે,એમના ચરણે ઢળો તોછે દિવાળી.દીવડાઓ બ્હાર પ્રગટાવ્યેથશે શું ?ભીતરેથી ઝળહળો તોછે દિવાળી.આપને દિવાળીની શુભેચ્છા.જયસ્વામીનારાયણ ....આસુ....See More
Oct 24, 2014
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Mar 25, 2014
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सब साधनों का सार

भक्ति का आधार त्याग, श्रवण और कीर्तन से दृढ़ होता हैभक्ति को मूल से दृढ़ करने के लिए धर्मानुसारअपने घर में रहते हुए ही एकाग्र चित्त से भगवान श्रीकृष्ण का पूजा, श्रवणआदि विधियों से भजन करना चाहिए सांसारिक आकर्षण शेष रहते हुए भीचित्त को श्रीहरि के श्रवण-स्मरण में तब तक प्रयत्नपूर्वक लगाना चाहिएजब तक कि श्रीहरि में क्रमशः प्रेम, आसक्ति और व्यसन की प्राप्ति न हो जाये..।सब साधनों का सार1. भक्ति : सब प्रकार से प्रेम के पात्र हो जाओ यही भक्ति है ।2. मुक्ति : अपनी प्रसन्नता के लिए किसी अन्य की ओर मत…See More
Feb 26, 2014
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Feb 20, 2014
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"श्रीहरि कहते है सच्ची इच्छा क्या है ..??"

"श्रीहरि कहते है सच्ची इच्छा क्या है ..??"श्रीहरि कहते है इश्वर को पाना ही सच्ची इच्छा है !जिस चीज़की इच्छाकी जाती है वह जिज्ञास्य कहा जाता है !साध्य हमेशा इच्छा का विषय होता है !श्रीहरि कहते है परमात्मा स्वय पूर्ण है !उसकी इच्छा करना भी पूर्ण ही है !"यह वस्तु मुझे मिले" ये सांसारिक इच्छा का रूप है !"पूर्ण परमेश्वर मिले" यह इश्वर सम्बंधित इच्छा का स्वरूप हैइसमें पूर्णता समायी हुई है !आपको सच्ची इच्छा श्रीहरि तक पंहुचा देगी,मन इश्वर को सोंप देऔर इश्वर की इच्छा करे,यही सच्ची इच्छा है !...  ♥....…See More
Nov 11, 2013
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Aa "Panch Labh" Etle J "LABH PAANCHAM"............Asuu

 1)Vivaad Vagar Divas Purn Thai Jay A J Sacho LABH.2)Ratre Shanti Purn Nindr Aavi Jay A J Sacho LABH.3)Divas Ma Koi Ek Ne Madad-Rup Thavay A J Sacho LABH.4)Davakhana Ma Paiso Na Vedfay A J Sacho LABH.&5)Mahenat & Pramanikta Thi DHAN Aave A J Sacho LABH.Aa "Panch Labh" Etle J"LABH PAANCHAM"............Asuu श्रीहरि कहते है त्याग किसे कहते है ...??क्या त्यागके बिना भी वैराग्य हो सकता है ...?श्रीहरि कहते है वस्तुको स्वरूपसे त्याग देनेका त्याग कहते है !त्यागके बिना भी वैराग्य हो सकता है,…See More
Nov 9, 2013
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Nov 1, 2013
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केवल अपने को समर्पित करने का साहस चाहिए।'

श्रीहरि कहते है एक साधु भिक्षा मांगने निकला था।वह बूढ़ा हो गया था औरआंखों से उसे कम दिखता था।उसने एक देवालय​​ के सामने आवाज लगाई।किसी ने उससे कह, 'आगे बढ़।यह ऐसे आदमी का मकान नहीं है,जो तुझे कुछ दे सके।'साधु ने कहा, 'आखिर इस मकान का मालिक कौन है,जो किसी को कुछ नहीं देता?' वह आदमी बोला,'पागल, तुझे यह भी पता नहीं कि यह देवालय​ है!इस घर…See More
Oct 29, 2013
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Oct 26, 2013
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"श्रीहरि कहते है यदि पुनजन्म सत्य है तो गतजन्म और उसकी बातें याद क्यों नहीं आती" ..??

"श्रीहरि कहते है यदि पुनजन्म सत्य है तो गतजन्मऔर उसकी बातें याद क्यों नहीं आती" ..??श्रीहरि कहते है जब जीव स्वप्नमें होता हैउस समय वह बादशाही हालतमें होता है !भूत,वर्तमानका उसे स्मरण नहीं होता !जब…See More
Oct 22, 2013
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Oct 18, 2013
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Oct 17, 2013
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Oct 5, 2013
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श्रीहरि हर पल यारा इश्क तुम्हारा

श्रीहरि हर पल यारा इश्क तुम्हारा हमें बेहद रास आता है हमें ले जाओ इतनी दुर दुनिया का डर सताता है हमसे हमारा दिल बिछड़े ये तुम कभी न चाहोगे श्रीहरि डर लगता है की ऐसा हुआ तो तुम हमें फिर तड़पाओगे हर पल यारा इश्क तुम्हारा हमें बेहद रास आता है श्रीहरि तेरा अक्स है हमें जो प्यारा तु बंद आँखों से भी नजर आता है हमें जुदा कर हमसे…See More
Oct 3, 2013

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Ashwin Chokshi

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श्रीहरि कहते सच्चा भक्त किसे कहते है !...??

 

श्रीहरि कहते सच्चा भक्त वही है
जो भगवान्नामजपको ही
अपना धन मानता है और जिस तरह
सांसारिक लोग धन कमानेमें लगे रहते है
उसी प्रकार जो भगवान्नाम धन
कमानेमें लगा रहे वही सच्चा भक्त है !
श्रीहरि कहते भक्त वही जो
आप भी श्रीकृष्ण कीर्तन करता है
और दुसरोको भी इसका उपदेश करता है !
भक्त वही जो भगवान्के भक्तोका भक्त है !
श्रीहरि कहते भक्त वही जो
संत-महात्माओं
और भक्तोके वचनोंमें विश्वास रखता है !
श्रीहरि कहते भक्त वही जिसकी
जिव्हापर भगवान् कृष्ण
या भगवान् शिवका नाम रहता है !
श्रीहरि कहते भक्त वही जिसने अपनी
इन्द्रियोंको वशमें कर लिया है !
श्रीहरि कहते भक्त वही जो भगवान्से सांसारिक
वस्तुए न मांगकर भक्तिकी याचना करता है !
श्रीहरि कहते भगवान् का सच्चा भक्त वही है जो
सब जगह भगवान् को देखता है !
जिसकी नज़रमें भगवान् से अधिक और
भगवान् से बहार कोई वास्तु नहीं है !
श्रीहरि कहते सब कुछ जड़,चेतन,मनुष्य,
पशु,पक्षी भगवान् ही है !
फिर वो किसको क्यों बुरा कहेगा..??
क्या वो भक्त होकर भगवान् को बुरा कहेगा..? ?
अगर वह किसीको बुरा कहता है तो
वह भगवान् को बुरा कह रहा है !
इससे बढकर राग-द्वेष
मिटानेकी कोई औषधी नहीं है !
श्रीहरि कहते भक्तको तो भगवान्की
मूर्ति-विग्रहके विषयमें ऐसी धारणा होनी चाहिये
कि यह साक्षात् भगवान् ही है !

श्रीहरि कहते भक्त वही जो
किसीके दिलको नहीं दुखाता,
बल्कि जहाँतक बने सबकी सेवा करता है !
श्रीहरि कहते भक्त वही है ,जो श्रीकृष्ण मेरे है और
मैं श्रीकृष्णका हूँ ऐसा समझकर
विपत्तिकालमें भी किसीसे कोई याचना नहीं करता !....
 ♥.... जय स्वामिनारायण ....♥
♥♥.....प्यारे श्रीहरी ये दिल दीवाना तेरा हैं.... ♥♥
♥♥........हरी ॐ भगवान् को प्रिय है हरिनाम .... ♥♥
♥♥.....भगवत्प्रेममें मस्त आशु.... ♥♥
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बस समझो तुम श्रीहरि वही है

श्रीहरी मुरत व्याप्त जग के कण कण में ,

बतलाओ हरि कहाँ नहीं है

पीड़ा हरे,शांति दे मन को ,

बस…

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Posted on December 3, 2015 at 1:54pm

શ્રીહરી મારા જીવન નો છે આધાર તુ અને તારી વાતો

અહંકાર.... અહંકાર....ની વાત છે ભાઈ......

દરીયો આવડો મોટો થઇ ને પણ હદ માં રહે છે.........

અને માણસ નાનો હોવા છતા બધાની…

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Posted on December 2, 2015 at 3:47pm

संतो का कहेना है भगवान को व्यक्त करे एसी क्रीया ही भक्ति है

शुभप्रभातम्



जितनी घड़ियाँ, जितने घंटे और जितने दिन…

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Posted on December 2, 2015 at 3:35pm

फिर भी ना जाने कभी कभी क्यूँ दिल उदास होता है

श्रीहरी जीवन की तंग गलियों में भी तु मेरे पास होता है

फिर भी ना जाने कभी कभी क्यूँ दिल उदास होता है



श्रीहरी मुकद्दर से मिली संतुष्टि का अहसास होता है…

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Posted on December 2, 2015 at 3:23pm

Comment Wall (2 comments)

At 12:55pm on August 2, 2013, Swami Amrutswarupdasji - Sardhar said…

જય શ્રી સ્વામિનારાયણ
અશ્વિનભાઈ
તમોએ બહુ સરસ શ્રીજીમહારાજના વચનો હિન્દીમાં લખ્યા છે. વિશેષ મારે એક હિન્દી સ્ક્રીપ્ટનું પ્રુફ કરાવવું છે તો આપ કરી શકશો... તો મને જણાવજો.. મારું ઈ-મેઈલ એડ્રેસ છે.

amrutdhara2003@gmail.com

At 4:04pm on August 4, 2013, Rajesh Becharbhai Vora said…

Jay Swaminarayan, Maharaj

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