May 2013 Blog Posts (38)

श्रीहरि कहते है सफलता'' की यात्रा

श्रीहरि कहते है सफलता'' की यात्रा एक ऐसे वाहन पे की जाती है जो ''कड़ी मेहनत'' के पहियों पर चलता है,, लेकिन यह यात्रा ''आत्मविश्वास'' के इंधन के बिना संभव नहीं है श्रीहरि कहते है ईश्वर एवं भक्त का प्रेम अलौकिक होता है | यद्यपि सकाम भक्त की ईश्वर से कुछ अपेक्षा होती है परंतु निष्काम भक्त मात्र ईश्वर से प्रेम करने हेतु प्रेम करता है, प्रेम करना उसका मूल धर्म होता है और ऐसे साधक को सर्वश्रेष्ठ भक्त कहा गया है | भगवान श्रीकृष्ण ने कहा भी है |…

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Added by ashwin. s. chokshi on May 27, 2013 at 6:43pm — No Comments

श्रीहरि कहते है हमे भगवत्भजन क्यों करना चाहिये...?

श्रीहरि कहते है हमे भगवत्भजन क्यों करना चाहिये...? श्रीहरि कहते है हम छोटे है,अवगुणी है,दीन-हीन है, और दुखिया है,इन बातोको दूर करनेके लिये भगवत्भजन करना चाहिये ! जिसका भजन करोगे उसके गुण अपनेमें आ जायेंगे ! हमारी अल्पशक्ति एवम चाहना कामनाको दूर करनेके लिये भगवत्भजन करना चाहिये ! सबसे बड़ेका भजन करनेसे सबसे बड़ा बन जाता है !... श्रीहरि कहते है भगवद्भक्ति के पथपर चलने वाले पुरुषों को अपने मन में खूब उत्साह रखना चाहिये | इस बात का…

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Added by ashwin. s. chokshi on May 26, 2013 at 11:25am — No Comments

भगवद्भक्ति के पथपर चलने वाले

श्रीहरि कहते है भगवद्भक्ति के पथपर चलने वाले

पुरुषों को अपने मन में खूब उत्साह रखना चाहिये |

इस बात का सदा स्मरण रखना चाहिये की

समस्त विघ्नों के नाश करने वाले और

साधन में सतत सहायता पहुँचानेवाले

भगवान हमारे पीछे स्तिथ रहकर

सदा हमारी रक्षा करते है |

श्रीहरि कहते है भक्तों को तो अनन्तगुण अधिक

उत्साह होना चाहिये | क्योंकि उसके पीछे

अनन्त शक्ति-संपन्न भगवान का बल है |

जिसके भगवान सहायक हो उसको तो

भीषण विषय-सैन्य को तुच्छ समझकर

उसके नाश…

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Added by ashwin. s. chokshi on May 23, 2013 at 5:31pm — No Comments

धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष

 धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष





चारों पुरुषार्थों का निष्काम भाव से पालन करना ही

भगवान की भक्ति कहलाती है।



१. धर्मः-



शास्त्रों के अनुसार कर्म करना "धर्म" कहलाता है,

शास्त्रों में वर्णित प्रत्येक व्यक्ति के अपने

"नियत कर्म यानि कर्तव्य-कर्म"

(देश, समय, स्थान, वर्ण और वर्णाश्रम के अनुसार)

करना ही धर्म…

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Added by ashwin. s. chokshi on May 15, 2013 at 10:41pm — No Comments

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