June 2013 Blog Posts (48)

स्वयं की आलोचना और प्रभु का प्रेम

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Added by ashwin. s. chokshi on June 29, 2013 at 6:50pm — No Comments

श्रीहरि कहते "भगवदप्रेमी क्या चाहता है !...??



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Added by ashwin. s. chokshi on June 26, 2013 at 10:07pm — No Comments

श्री हरिकृष्ण महाराज,,,,

एक आदमी जंगल से गुजर रहा था । उसे चार

स्त्रियां मिली । उसने पहली से पूछा - बहन

तुम्हारा नाम क्या हैं ? उसने कहा "बुद्धि " तुम

कहां रहती हो? मनुष्य के दिमाग में।

दूसरी स्त्री से पूछा - बहन तुम्हारा नाम

क्या हैं ? " लज्जा "। तुम कहां रहती हो ? आंख

में । तीसरी से पूछा - तुम्हारा क्या नाम हैं ?

"हिम्मत" कहां रहती हो ? दिल में । चौथी से पूछा -

तुम्हारा नाम क्या हैं ? "तंदुरूस्ती"

कहां रहती हो ? पेट में।

वह आदमी अब थोडा आगे

बढा तों फिर उसे चार… Continue

Added by Nilesh poriya on June 26, 2013 at 2:14pm — No Comments

आत्म-साक्षात्कार से परमात्मा की प्राप्ति के पथ पर

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Added by ashwin. s. chokshi on June 25, 2013 at 12:22pm — No Comments

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